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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026: काशीपुर और ऋषिकेश की रैंकिंग लुढ़की; हवा सुधारने को PCB का नया एक्शन प्लान

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom15 September 2026

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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026: काशीपुर और ऋषिकेश की रैंकिंग लुढ़की; हवा सुधारने को PCB का नया एक्शन प्लान

देहरादून: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026: काशीपुर और ऋषिकेश की रैंकिंग लुढ़की; हवा सुधारने को PCB का नया एक्शन प्लान, दोनों शहरों में लगेंगे C&D वेस्ट प्लांटकेंद्रीय स्तर पर जारी 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026' में उत्तराखंड के दो प्रमुख शहरों—काशीपुर और ऋषिकेश की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) ने दोनों शहरों में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए नई कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत काशीपुर में 'कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन (C&D) वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट' लगाया जाएगा और सड़कों को धूलमुक्त करने के लिए देहरादून की तर्ज पर मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों से रात के समय सफाई कराई जाएगी।

रैंकिंग में कहां फिसले दोनों शहर?

प्रदेश में 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) के तहत देहरादून, काशीपुर और ऋषिकेश में लगातार कार्य किए जा रहे हैं, जिनसे बीते वर्षों में सुधार भी दिखा था। हालांकि, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के ताजा नतीजों में:

  • काशीपुर: पिछली 18वीं रैंकिंग से खिसककर 21वें स्थान पर पहुंच गया है।
  • ऋषिकेश: पिछली 14वीं रैंकिंग से गिरकर 16वें स्थान पर आ गया है।

धूल के कण हवा बिगाड़ने की मुख्य वजह: डॉ. पराग मधुकर धकाते

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि दोनों शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब होने का सबसे बड़ा कारण हवा में तैरने वाले धूल के महीन कण (Particulate Matter) हैं।

उन्होंने बताया कि धूल का एक बड़ा स्रोत भवनों के निर्माण और ध्वस्तीकरण से निकलने वाला मलबा (C&D वेस्ट) तथा सड़कों पर वाहनों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल है। इसे रोकने के लिए पीसीबी ने ठोस रणनीति बनाई है।

हवा सुधारने के लिए उठाए जा रहे 3 बड़े कदम:

1. काशीपुर और देहरादून में बनेंगे C&D वेस्ट प्लांट

देहरादून में कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट प्लांट लगाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। यह प्लांट देहरादून के साथ-साथ ऋषिकेश के मलबे का भी वैज्ञानिक निस्तारण करेगा।

इसी मॉडल पर कुमाऊं मंडल के काशीपुर में भी अत्याधुनिक C&D वेस्ट प्लांट स्थापित किया जाएगा, जहां काशीपुर सहित आसपास के अन्य कस्बों व शहरों के निर्माण मलबे को प्रोसेस किया जाएगा।

2. अब अन्य शहरों में भी रात को चलेंगी मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें

वर्तमान में प्रदेश के केवल देहरादून शहर में ही सड़कों से धूल हटाने के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनसे देर रात सफाई का कार्य होता है ताकि दिन में धूल न उड़े।

पीसीबी अब इस व्यवस्था का विस्तार करते हुए ऋषिकेश, काशीपुर और अन्य चिन्हित शहरों में भी मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से नियमित सफाई कराने की योजना बना रहा है।

3. खनन वाहनों पर लगाम और नियमित जल छिड़काव

काशीपुर क्षेत्र में खनन सामग्री ढोने वाले भारी वाहनों के कारण सड़कों पर अत्यधिक धूल उड़ती है।

इस समस्या से निपटने के लिए प्रमुख मार्गों पर नियमित रूप से वाटर स्प्रिंकलर (पानी के छिड़काव) की व्यवस्था की जाएगी और ओवरलोड व बिना ढके दौड़ने वाले डंपरों पर सख्ती की जाएगी।

प्रशासन का लक्ष्य:
पीसीबी का कहना है कि इन दोनों संयंत्रों के शुरू होने और मशीनी सफाई लागू होने से हवा में पीएम-10 और पीएम-2.5 के स्तर में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे आगामी सर्वेक्षणों में प्रदेश के शहरों की स्थिति में दोबारा सुधार लाया जा सकेगा।