चारधाम यात्रा का दूसरा चरण आज से: CM धामी ने दिल्ली से की वर्चुअल समीक्षा बैठक; सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर कड़े निर्देश
By tv10 india news deskNewsroom15 September 2026

देहरादून: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के दूसरे चरण का मंगलवार (15 सितंबर) से विधिवत आगाज हो गया है। मानसून के थमने के बाद धामों में श्रद्धालुओं की भारी आमद की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित ‘उत्तराखंड निवास’ से चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में शासन व जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और नागरिक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिए कि दर्शनार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रमुख बिंदु: चारधाम यात्रा का दूसरा चरण
1. धामों में फिर उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
- 19 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा का पहला चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है।
- 15 सितंबर से शुरू हो रहे दूसरे चरण में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम और श्री हेमकुंड साहिब में एक बार फिर तीर्थयात्रियों की संख्या में बड़ा उछाल आने की संभावना है।
- राज्य सरकार, संबंधित जिला प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
2. आस्था पर मौसम और भूस्खलन की चुनौती; प्रशासन मुस्तैद
- पहाड़ी मार्गों पर बदलते मौसम और लैंडस्लाइड की घटनाएं प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
- हाल ही में केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के समीप पहाड़ी से अचानक गिरे पत्थरों की चपेट में आने से एक घोड़ा संचालक और एक खच्चर गंभीर रूप से घायल हो गए।
- घटना के तुरंत बाद जिला आपदा प्रबंधन और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं। संवेदनशील जोन पर लगातार नजर रखी जा रही है।
3. पंजीकरण अनिवार्य: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध
- चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण (Registration) कराना अनिवार्य रखा गया है।
- तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पोर्टल के साथ-साथ निर्धारित केंद्रों पर ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित की जा रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देश: 'सुरक्षा सर्वोपरि'
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
- भूस्खलन प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की टीमें, SDRF और जेसीबी 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहें, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने पर उन्हें तत्काल खोला जा सके।
- पैदल मार्गों पर स्वास्थ्य चौकियों, ऑक्सीजन सिलेंडरों और प्राथमिक उपचार दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- तीर्थयात्रियों को मौसम के पूर्वानुमान से लगातार अवगत कराया जाए, ताकि वे सुरक्षित समय पर ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाएं।
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