सीएम हेल्पलाइन 1905 पर शिकायतों का रिकॉर्ड, निस्तारण दर 12% पर पहुंची

देहरादून। सीएम हेल्पलाइन 1905 पर इस साल अगस्त में पिछले तीन वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं। अगस्त में कुल 25,432 जन-शिकायतें आईं, लेकिन इनमें से केवल 3,171 शिकायतों का पूर्ण निस्तारण हो सका। इसके साथ ही शिकायतों के समाधान की दर घटकर महज 12 प्रतिशत रह गई है। मार्च में यही दर 69 प्रतिशत थी।
शिकायतों की संख्या पिछले तीन वर्षों में लगातार बढ़ी है। अगस्त 2024 में 14,980 और अगस्त 2025 में 16,311 शिकायतें दर्ज हुई थीं। इस साल जुलाई के मुकाबले भी अगस्त में शिकायतों में 13.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर, शिकायतों के निस्तारण की रफ्तार लगातार कम होती गई।
छह महीने से लंबित हैं सैकड़ों शिकायतें
सीएम हेल्पलाइन के आंकड़ों के अनुसार मार्च में शिकायतों के समाधान की दर 69 प्रतिशत थी। अप्रैल में यह 63, मई में 52, जून में 42 और जुलाई में 26 प्रतिशत रह गई। अगस्त में यह गिरकर 12 प्रतिशत पर पहुंच गई।
कई शिकायतें अलग-अलग स्तरों पर लंबे समय से लंबित हैं। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की 470 शिकायतें लंबित हैं, जिनमें 457 शिकायतें एल-3 स्तर पर अटकी हैं। इसके अलावा राजस्व विभाग की 286, नगर निगम की 262, आयुर्वेद विश्वविद्यालय की 222, संस्कृति विभाग की 211 और वन विभाग की 199 शिकायतें लंबित हैं। लोक निर्माण विभाग की 159, नगर पालिकाओं की 157, प्राथमिक शिक्षा की 110 और पंचायती राज विभाग की 93 शिकायतों का भी निस्तारण नहीं हो पाया है।
देहरादून में सबसे ज्यादा शिकायतें
अगस्त में मैदानी जिलों से सबसे ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं। देहरादून 7,469 शिकायतों के साथ पहले स्थान पर रहा। इनमें शहरी विकास, गृह और ऊर्जा विभाग से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। ऊधमसिंह नगर में 5,214, हरिद्वार में 4,417 और नैनीताल में 2,894 शिकायतें दर्ज की गईं।
निस्तारण की दर के मामले में चंपावत 80.92 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा। अल्मोड़ा 79.32 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं नैनीताल में 60.20 और उत्तरकाशी में 62.09 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण हुआ।
बिजली-पानी और सड़क की शिकायतें बढ़ीं
अगस्त में बारिश के साथ बिजली, पेयजल और सड़कों से जुड़ी समस्याएं भी सीएम हेल्पलाइन के आंकड़ों में सामने आईं। बिजली कटौती के 678 मामले, अधिक बिल के 556 और पेयजल संकट के 549 मामले दर्ज हुए। देहरादून और हरिद्वार में पानी और बिजली से संबंधित शिकायतें सबसे ज्यादा रहीं।
सड़कों और गड्ढों से संबंधित 1,432 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें शहरी विकास विभाग से जुड़े 339 और लोक निर्माण विभाग से जुड़े 328 मामले थे। देहरादून में सड़कों की बदहाली से संबंधित 404 शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि हरिद्वार में 284 मामले सामने आए।
लगातार बढ़ती शिकायतों और गिरती निस्तारण दर ने सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। बड़ी संख्या में शिकायतों का लंबे समय तक लंबित रहना यह भी दिखाता है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों के स्तर पर शिकायतों के समाधान में तेजी लाने की जरूरत है।
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