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भारत-नेपाल व्यापार और पारगमन उपसमिति की बैठक संपन्न, बाजार पहुँच व सीमा ढाँचे पर हुआ मंथन

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom18 September 2026

AI News Reader

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भारत-नेपाल व्यापार और पारगमन उपसमिति की बैठक संपन्न, बाजार पहुँच व सीमा ढाँचे पर हुआ मंथन

नई दिल्ली। भारत और नेपाल के बीच व्यापार, पारगमन तथा सहयोग पर अंतर-सरकारी उपसमिति की दो दिवसीय बैठक संपन्न हो गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों के कई पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव उज्ज्वल कुमार घोष ने किया, जबकि नेपाल की ओर से उद्योग, वाणिज्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव बुद्ध बहादुर गुरुंग ने प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की।

किन विषयों पर हुई चर्चा

  • एक-दूसरे के बाजार तक पहुँच से जुड़े मुद्दे
  • सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा की प्रक्रियाएँ
  • मानक तथा खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियम
  • सीमा पर बुनियादी ढाँचे का विकास
  • रेल और सड़क संपर्क का विस्तार

बैठक में इस बात पर भी विचार हुआ कि वैध व्यापार को और आसान कैसे बनाया जाए। दोनों पक्षों ने अनुपालन व्यवस्था को मजबूत करने और तरजीही व्यापार समझौतों के दुरुपयोग को रोकने पर चर्चा की। इस तरह के दुरुपयोग से उन कारोबारियों को नुकसान होता है जो नियमों का पालन करते हुए व्यापार करते हैं।

सीमा पर सुविधाएँ बढ़ाने पर जोर

भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और नेपाल के लिए समुद्री रास्ते तक पहुँच का मुख्य जरिया भी। यही वजह है कि पारगमन की सुविधाएँ, सीमा पर बने जाँच केंद्र और भंडारण की व्यवस्था हर बैठक में प्रमुखता से शामिल रहती है। सीमा पर बुनियादी ढाँचा बेहतर होने से माल की आवाजाही में लगने वाला समय घटता है।

रेल और सड़क संपर्क के विस्तार पर हुई चर्चा का असर सीमावर्ती इलाकों के छोटे कारोबारियों पर सबसे अधिक पड़ता है। मानक और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों में तालमेल बढ़ने पर कृषि उत्पादों के व्यापार में आने वाली अड़चनें कम होती हैं, क्योंकि जाँच और प्रमाणन की प्रक्रिया दोनों ओर एक जैसी होने पर माल सीमा पर कम समय रुकता है।