बदरीनाथ-केदारनाथ मास्टर प्लान पर सरकार का कड़ा एक्शन: 'लापरवाही बर्दाश्त नहीं', निर्माण कार्यों की तय हुई डेडलाइन

देहरादून: बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में निर्माण गतिविधियों को लेकर उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर किसी भी तरह के निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके लिए जल्द शासनादेश जारी किया जाएगा। वहीं, धामों के आसपास मौजूद फ्रेजाइल और एवलॉन्च प्रॉन एरिया में भी सभी संस्थाओं और एजेंसियों को निर्माण कार्य नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि उच्च हिमालयी और संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण के दौरान सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए। अधिकारियों को निर्माण गतिविधियों की लगातार निगरानी करने और संवेदनशील क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। खास तौर पर भूस्खलन, हिमस्खलन और अन्य प्राकृतिक जोखिम वाले क्षेत्रों में निर्माण को लेकर किसी तरह की छूट नहीं देने पर जोर दिया गया।
केदारनाथ में छह भवनों का निर्माण प्राथमिकता पर
बैठक में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। सेंट्रल स्ट्रीट के तहत छह भवनों को टॉप मोस्ट प्रायोरिटी पर रखते हुए यात्रा सीजन समाप्त होने के बाद इनके निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए। इसके लिए संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ आवश्यक एग्रीमेंट की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया है।
संस्कृति मंत्रालय के कार्यों की भी समीक्षा
मुख्य सचिव ने संस्कृति मंत्रालय की ओर से कराए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों को इन परियोजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए, ताकि सभी काम निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।
बदरीनाथ मास्टर प्लान के कार्यों की समीक्षा
बैठक में बदरीनाथ मास्टर प्लान के फेज-1 और फेज-2 के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा बदरीनाथ में निर्माणाधीन अस्पताल की प्रगति को लेकर भी जानकारी ली गई।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि अस्पताल को करीब 15 दिनों में शुरू करने की योजना है। मुख्य सचिव ने अस्पताल के संचालन से जुड़ी सभी जरूरी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
सरकार के इन निर्देशों से स्पष्ट है कि बदरीनाथ और केदारनाथ जैसे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्रों में विकास कार्यों के साथ-साथ सुरक्षा, पर्यावरण और आपदा जोखिम को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
More in Uttarakhand

उत्तराखंड में जड़ी-बूटियों को मिलेगा नया बाजार, 47 हजार किसानों को बढ़ावा देने की तैयारी
9/24/2026
खुद से पहले जरूरतमंद साथियों की सोची, मुरीद हुए सीएम धामी: हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत के घर पहुंचा टैबलेट; संवेदनशील सोच को मिला सम्मान
9/24/2026
उत्तराखंड में बर्फबारी का आगाज: बदरीनाथ-सतोपंथ ट्रैक पर चक्रतीर्थ में गिरी सीजन की पहली बर्फ; सफेद चादर में लिपटीं हिमालयी चोटियां
9/24/2026
उत्तराखंड भाजपा को मिला नया संगठन शिल्पी: फणीन्द्रनाथ शर्मा बने प्रदेश महामंत्री (संगठन), RSS पृष्ठभूमि का लंबा अनुभव
9/24/2026
