उत्तराखंड में जनगणना का आगाज: 4 जिलों के हिमाच्छादित क्षेत्रों में आज से सर्वे, प्रशासन बोला— कोई नहीं मांगेगा वित्तीय जानकारी

TV10 INDIA | देहरादून: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी और बर्फबारी प्रभावित (Snow-bound) इलाकों में मंगलवार से घर-घर जनगणना (Census) का महाभियान विधिवत शुरू हो गया है। सर्दियों में भारी बर्फबारी और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते इन क्षेत्रों में अन्य मैदानी व पर्वतीय इलाकों से पहले ही सर्वे का काम पूरा किया जा रहा है।
इसके तहत प्रदेश के चार सीमांत जिलों— चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के 131 हिमाच्छादित गांवों तथा बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री नगर पंचायतों में प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) की टीमें मैदान में उतर चुकी हैं।
तैयारियां पूरी: 139 प्रगणक और 43 सुपरवाइजर तैनात
जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि बर्फबारी से पूर्व कार्य पूरा करने के लिए विभाग ने मजबूत रणनीति बनाई है। इस विशेष अभियान के लिए 139 प्रगणक और 43 सुपरवाइजर को विशेष तकनीकी व व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर तैनात किया गया है।
किस जिले में कितने गांव और निकाय शामिल?
उत्तरकाशी: 69 गांव और गंगोत्री नगर पंचायत (कुल 110 प्रगणक व सुपरवाइजर तैनात)
चमोली: 23 गांव और बदरीनाथ नगर पंचायत (कुल 38 प्रगणक व सुपरवाइजर तैनात)
पिथौरागढ़: 35 हिमाच्छादित गांव (कुल 22 प्रगणक व सुपरवाइजर तैनात)
रुद्रप्रयाग: 4 गांव और केदारनाथ नगर पंचायत (कुल 12 प्रगणक व सुपरवाइजर तैनात)
डिजिटल स्व-गणना: उत्तरकाशी के लोग सबसे आगे
नागरिकों को घर बैठे ऑनलाइन खुद का विवरण दर्ज करने (Self-Enumeration) की सुविधा भी दी गई है। 31 अगस्त 2026 तक राज्य के 338 नागरिकों ने डिजिटल पोर्टल के जरिए अपनी प्रविष्टि दर्ज कराई है:
उत्तरकाशी: 277 नागरिक (सबसे आगे)
चमोली: 29 नागरिक
पिथौरागढ़: 24 नागरिक
रुद्रप्रयाग: 08 नागरिक
दुर्गम रास्तों के लिए विशेष प्लान
जनगणना निदेशक ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में संचार, नेटवर्क और पैदल मार्गों की चुनौतियों को देखते हुए संबंधित जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन और स्थानीय नगर निकायों के साथ समन्वय बनाकर रूट मैप तैयार किया गया है।
TV10 INDIA अलर्ट: काम की बात और सावधानी
⚠️ सावधानी: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित प्रक्रिया है। जनगणना कार्य के दौरान किसी भी नागरिक से कोई OTP, पासवर्ड, बैंक खाता संख्या या कोई अन्य वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाती है। यदि कोई ऐसा करता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
📞 मदद के लिए हेल्पलाइन: जनगणना से जुड़ी किसी भी जानकारी, सहायता या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 पर संपर्क किया जा सकता है।
