शेयर बाजार में आएगा अब तक का सबसे बड़ा IPO: NSE को मिली SEBI की मंजूरी, जानें प्राइस बैंड और लिस्टिंग की तारीख

नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए बड़ी खबर है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ का रास्ता अब साफ हो गया है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने NSE को ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है। इसके साथ ही एक्सचेंज के करीब एक दशक पुराने आईपीओ की तैयारियों को अंतिम मंजूरी मिल गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, NSE का करीब ₹30,000 करोड़ का आईपीओ 15 सितंबर 2026 को खुल सकता है। कंपनी की योजना इसे 24-25 सितंबर के आसपास शेयर बाजार में लिस्ट कराने की है। अगर यह टाइमलाइन कायम रहती है, तो NSE का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड कायम करेगा।
करीब एक दशक का इंतजार खत्म
NSE लंबे समय से अपने आईपीओ की तैयारी कर रहा था। नियामकीय और कानूनी अड़चनों के कारण इसकी लिस्टिंग में लगातार देरी होती रही। अब सेबी की मंजूरी मिलने के बाद निवेशकों को पहली बार NSE के शेयरों में सीधे निवेश करने का मौका मिल सकता है।
लिस्टिंग के बाद NSE का बाजार मूल्यांकन इसे देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में पहुंचा सकता है।
₹2,000 के आसपास हो सकती है शेयर की कीमत
- NSE ने अभी आधिकारिक तौर पर आईपीओ का प्राइस बैंड घोषित नहीं किया है। हालांकि, अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयर को लेकर काफी हलचल देखने को मिल रही है।
- आईपीओ वॉच की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को NSE के अनलिस्टेड शेयर करीब ₹1,975 पर कारोबार कर रहे थे और करीब ₹285 का GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) बताया गया। इस हिसाब से संभावित लिस्टिंग कीमत करीब ₹2,260 तक हो सकती है।
हालांकि, ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक संकेतक नहीं है और वास्तविक आईपीओ प्राइस तथा लिस्टिंग इससे अलग हो सकती है।
पूरी तरह OFS होगा NSE का IPO
NSE का प्रस्तावित आईपीओ ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में आने की उम्मीद है। इसके तहत मौजूदा शेयरधारक करीब 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे। यानी आईपीओ से मिलने वाली रकम कंपनी के पास जाने के बजाय शेयर बेचने वाले मौजूदा निवेशकों को मिलेगी।
टूट सकता है अब तक के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड
करीब ₹30,000 करोड़ का NSE आईपीओ भारतीय शेयर बाजार में अब तक के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल होगा। यह Hyundai Motor India के ₹27,858 करोड़ और LIC के ₹20,557 करोड़ के आईपीओ के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है।
भविष्य में Jio Platforms का अनुमानित करीब ₹37,700 करोड़ का आईपीओ NSE से बड़ा हो सकता है, लेकिन फिलहाल उसकी लॉन्च डेट तय नहीं है। ऐसे में NSE का आईपीओ बाजार में आते ही भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की स्थिति में है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
NSE का आईपीओ निवेशकों के बीच काफी चर्चा में है, लेकिन केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम या संभावित लिस्टिंग गेन के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। निवेशकों को कंपनी का वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन, जोखिम, आईपीओ का अंतिम प्राइस बैंड और ऑफर डॉक्यूमेंट देखने के बाद ही निर्णय लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी से जुड़े सभी दस्तावेजों और जोखिमों को ध्यान से पढ़ें और जरूरत पड़ने पर अपने वित्तीय सलाहकार की राय लें।
