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नई ऊंचाई छुएंगे भारत-अमेरिका संबंध: अंतिम चरण में पहुंची ऐतिहासिक ट्रेड डील, जल्द होगी बड़ी घोषणा

tv10 india news desk
By tv10 india news deskNewsroom26 September 2026

AI News Reader

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दशकों पुराने मतभेद होंगे दूर: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अंतिम मुहर की तैयारी, US विदेश विभाग का बयान

  • दशकों पुराने व्यापारिक मतभेद होंगे दूर; अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी ने दी जानकारी
  • अक्टूबर में भारत आएंगे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, दिसंबर में जी-20 के लिए फ्लोरिडा जाएंगे पीएम मोदी
  • क्वाड और 'आईएमईसी' (IMEC) कॉरिडोर को तेजी से आगे बढ़ाने पर दोनों देशों का साझा जोर

न्यूयॉर्क। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौता अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दोनों देश प्रस्तावित व्यापार समझौते के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से को अंतिम रूप दे चुके हैं। अब केवल कुछ बारीक और तकनीकी विवरणों पर सहमति बननी बाकी है। इस समझौते के लागू होने से दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती दो प्रमुख लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक रिश्तों को अभूतपूर्व गति मिलेगी।

दशकों पुराने गतिरोध का अंत, जल्द होगा बड़ा ऐलान

समाचार एजेंसी 'पीटीआई' के सवाल के जवाब में वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि व्यापारिक नीतियां ऐतिहासिक रूप से भारत और अमेरिका के बीच सबसे जटिल और संवेदनशील विषय रही हैं। उन्होंने कहा, "यह समझौता द्विपक्षीय संबंधों को एक नए युग और नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। दोनों देशों के बीच व्यापारिक नीतियां दशकों से चर्चा और गतिरोध का केंद्र रही हैं, लेकिन अब हम समाधान के बेहद करीब हैं। बहुत जल्द इस संबंध में दोनों देशों की ओर से एक बड़ी और ऐतिहासिक घोषणा की जा सकती है।"

कूटनीतिक दौरों से समझौतों को मिलेगा अंतिम रूप

यह बड़ी आर्थिक व कूटनीतिक प्रगति ऐसे दौर में सामने आ रही है जब दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्कों में तेजी आई है:

मार्को रुबियो का भारत दौरा: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अक्टूबर 2026 में नई दिल्ली के दौरे पर पहुंच रहे हैं, जहां वे इस व्यापार समझौते की अंतिम रूपरेखा पर भारतीय नेतृत्व से चर्चा करेंगे।

पीएम मोदी का अमेरिका दौरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर 2026 में अमेरिका के फ्लोरिडा में आयोजित होने वाले 'जी-20 शिखर सम्मेलन' (G20 Summit) में हिस्सा लेने जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान व्यापार समझौते सहित कई अहम रणनीतिक समझौतों पर औपचारिक मुहर लग सकती है।

'क्वाड' में बढ़ता भरोसा: एक साल में तीसरी बार मिलेंगे विदेश मंत्री

रणनीतिक दृष्टि से दोनों देशों के रिश्तों में यह वर्ष मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह पहला मौका है जब भारत और अमेरिका के विदेश मंत्री एक ही वर्ष में तीसरी बार द्विपक्षीय व बहुपक्षीय बैठक करेंगे। यह क्वाड समूह (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) के बीच मजबूत होते तालमेल को दर्शाता है। इसके अलावा, मई 2027 में नई दिल्ली 'क्वाड विदेश मंत्रियों के शिखर सम्मेलन' की मेजबानी करेगी, जिससे हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को और धार मिलेगी।

आईएमईसी (IMEC) कॉरिडोर पर भी फोकस बरकरार

अमेरिका और भारत के रणनीतिक एजेंडे में 'भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा' (IMEC) शीर्ष प्राथमिकता बना हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते परियोजना की रफ्तार कुछ समय के लिए प्रभावित जरूर हुई है, लेकिन क्षेत्र में स्थिरता बहाल होते ही इस पर बेहद तेज गति से काम शुरू होगा। भारत और अमेरिका शिपिंग और लॉजिस्टिक्स रूट्स की मैपिंग के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जबकि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), जॉर्डन और इजरायल जैसे भागीदार देश अपने-अपने क्षेत्रीय नेटवर्क को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।