स्मार्ट सिटी देहरादून में पैदल चलना जोखिम भरा: फुटपाथों पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग, हादसों का शिकार हो रहे राहगीर

देहरादून :स्मार्ट सिटी का तमगा हासिल करने वाली राजधानी देहरादून की सड़कों पर अब पैदल चलना खतरे से खाली नहीं रह गया है। शहर में कहीं फुटपाथों पर दुकानदारों और अवैध पार्किंग का कब्जा है, तो कहीं फुटपाथ की व्यवस्था ही नदारद है। नतीजा यह है कि राहगीरों को जान हथेली पर रखकर मुख्य सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच चलना पड़ रहा है।
देहरादून पुलिस के ताजा आंकड़े बताते हैं कि शहर में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में एक बड़ा हिस्सा पैदल चलने वाले निर्दोष राहगीरों का है।
डराने वाले आंकड़े: 19 महीने में 85 पैदल राहगीरों की मौत
देहरादून पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, शहर की सड़कों पर पैदल चलने वालों की सुरक्षा की स्थिति बेहद चिंताजनक है:
साल 2026 (1 जनवरी से 31 जुलाई तक):
कुल सड़क हादसे: 286
कुल मौतें: 114
हादसों में मारे गए पैदल राहगीर: 42
साल 2025 (पूरा वर्ष):
कुल सड़क हादसे: 265
कुल मौतें: 123
हादसों में मारे गए पैदल राहगीर: 43
फुटपाथ का सच: कहीं दुकानें सजीं, तो कहीं पार्किंग का अड्डा
शहर की प्रमुख सड़कों पर पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथ अपनी मूल पहचान खो चुके हैं:
दुकानों का फैलाव: दुकानदारों ने फुटपाथों पर सामान सजाकर स्थायी अतिक्रमण कर लिया है।
अवैध पार्किंग: कई प्रमुख बाजारों में फुटपाथ दोपहिया और चारपहिया वाहनों की पार्किंग में तब्दील हो चुके हैं।
फुटपाथ का अभाव: आउटर और कनेक्टिंग सड़कों पर फुटपाथ ही नहीं बनाए गए हैं, जिससे लोगों को मजबूरन तेज रफ्तार ट्रैफिक के बीच चलना पड़ता है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी नहीं दिख रहा असर
पैदल यात्रियों की सुरक्षा और अतिक्रमण मुक्त रास्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या का समाधान केवल फुटपाथ बना देने से नहीं होगा, बल्कि सुरक्षित जेब्रा क्रॉसिंग, ट्रैफिक सिग्नल पर पैदल यात्रियों को प्राथमिकता और अतिक्रमण के खिलाफ नियमित कार्रवाई जरूरी है।
"फुटपाथ खाली कराने के लिए जल्द चलेगा संयुक्त अभियान"
"पैदल राहगीरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। फुटपाथों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों के साथ मिलकर जल्द ही बड़ा अभियान चलाया जाएगा। पुलिस का प्रयास रहेगा कि शहर में राहगीरों को सुरक्षित और बाधारहित रास्ता मिले, ताकि सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।"
— प्रमेन्द्र डोबाल, एसएसपी, देहरादून
