उत्तराखंड में आसमानी आफत: बारिश-भूस्खलन से 3 बच्चों समेत 11 की मौत; नदी में बहीं 2 कारें, अल्मोड़ा में मलबे में दबा परिवार

देहरादून | उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर भारी तबाही मचाई है। मंगलवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुए दर्दनाक हादसों में तीन मासूम बच्चों समेत 11 लोगों की जान चली गई, जबकि दो लोग अब भी लापता हैं।
देहरादून में बरसाती नदी के तेज बहाव में दो कारें बह गईं, जिसमें एक MBBS छात्रा समेत दो छात्रों की मौत हो गई। वहीं अल्मोड़ा में पहाड़ी दरकने से आए मलबे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों और दो नेपाली मजदूरों की दबकर मौत हो गई। कोटद्वार में बाइक सवार मां-बेटी नदी में बह गईं, जबकि भीमताल में नाले में गिरने से 4 साल की बच्ची की जान चली गई।
हादसों की 5 बड़ी घटनाएं (Fact Box)
देहरादून: बिधोली पुल के पास स्कॉर्पियो और क्रेटा बहीं; एमबीबीएस छात्रा कनन और छात्र अक्षय की मौत, 3 को बचाया गया।
अल्मोड़ा (वडयूड़ा): रात 2:30 बजे मकान पर गिरा मलबा; मां, बेटी और बेटे की दम घुटने से मौत।
अल्मोड़ा (धार की तूनी): टिन शेड पर मलबा गिरने से सो रहे दो नेपाली मजदूरों की जान गई।
कोटद्वार: कोल्हू नदी पार करते समय बाइक बही; 26 वर्षीय मां और 1 साल की मासूम बेटी का शव यूपी सीमा से मिला।
भीमताल: दुकान के आगे खेल रही 4 साल की बच्ची नाले में बही, दर्दनाक मौत।
जिलेवार हादसों का पूरा विवरण:
1. देहरादून: कंडोली-बिधोली पुल पर बही दो गाड़ियां, MBBS छात्रा समेत 2 की मौत
प्रेमनगर क्षेत्र के कंडोली-बिधोली पुल के पास मंगलवार तड़के तेज बहाव में एक स्कॉर्पियो और क्रेटा कार बह गई।
स्कॉर्पियो सवार: पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने हरियाणा निवासी संभव (22) को सुरक्षित निकाल लिया, जबकि उसके साथी अक्षय (21, निवासी जयपुर) का शव गाड़ी से बरामद हुआ। दोनों निजी कॉलेज के छात्र थे।
क्रेटा सवार: कार में सवार श्रीगंगानगर निवासी अंश बवेजा और सहज प्रीति कौर को रेस्क्यू कर बचा लिया गया, लेकिन कनन सचदेवा (19) तेज बहाव में बह गई। कनन का शव आगे नदी से मिला। वह श्रीगंगानगर की टाटिया यूनिवर्सिटी में MBBS की छात्रा थी।
दो बच्चे भी बहे: रायपुर के बालावाला में 10 साल का एक दिव्यांग बच्चा नहर में बह गया, जिसकी तलाश जारी है। वहीं पटेलनगर के आईएसबीटी चौकी क्षेत्र से लापता 12 वर्षीय सम्राट का शव शाम को बड़ोवाला पुल के पास आसन नदी से बरामद हुआ।
2. अल्मोड़ा: दो अलग-अलग जगहों पर मलबे में दबने से 5 की मौत
घर में सो रहा परिवार खत्म: हवालबाग ब्लॉक के वडयूड़ा गांव में देर रात करीब 2:30 बजे पहाड़ी से भारी मलबा राजेंद्र राम के मकान पर आ गिरा। कमरे में सो रही प्रेमा देवी (42), उनकी बेटी कल्पना आर्या (19) और बेटा मनीष कुमार (18) जिंदा दफन हो गए। सड़कें बंद होने से रेस्क्यू टीम सुबह 7 बजे पहुंच सकी और 3 घंटे की मशक्कत के बाद तीनों शव निकाले गए।
टिन शेड पर गिरा पहाड़: धार की तूनी क्षेत्र में पहाड़ी से आए मलबे की चपेट में एक टिन शेड कमरा आ गया। इसमें सो रहे नेपाल के कालीकोट जिले के दो मजदूर—दलीप दर्जी और चकरा दर्जी मलबे में दब गए। दोपहर में जब साथी उन्हें काम पर बुलाने पहुंचे, तब हादसे का खुलासा हुआ।
3. कोटद्वार: नदी पार करते समय बाइक बही, मां-बेटी की मौत
कोटद्वार-पाखरो मार्ग पर सिगड्डी निवासी वन गुर्जर सद्दाम अपनी पत्नी जेनम (26) और 1 साल की बेटी आफिया के साथ बाइक से लौट रहा था। कोल्हू नदी पार करते समय तेज बहाव में तीनों बहने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने सद्दाम को तो खींच लिया, लेकिन जेनम और बच्ची तेज बहाव में बह गईं। करीब 1 घंटे की तलाश के बाद दोनों के शव घटनास्थल से 1 किलोमीटर दूर यूपी के कादरगंज क्षेत्र से बरामद हुए।
4. पौड़ी और भीमताल: मासूम नाले में समाई, महिला लापता
भीमताल: बाईपास पर अपने पिता भुवन कुमार की दुकान के बाहर खेल रही 4 साल की पल्लवी का अचानक पैर फिसल गया और वह उफनते नाले में जा गिरी। तेज बहाव में बहने से बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।
पौड़ी: पैठाणी थाना क्षेत्र के पल्ली गांव निवासी आशा देवी (33) पश्चिम नयार नदी के तेज बहाव में बह गईं। एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस देर रात तक नदी में सर्च अभियान चलाती रही, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग सका।
TV10 INDIA अलर्ट: मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए पर्वतीय जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज/रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और उफनती नदियों व बरसाती गदेरों के पास बिल्कुल न जाएं।
