टिहरी: स्कूलों के औचक निरीक्षण पर पहुंचे ADM शैलेन्द्र सिंह नेगी; बिना बताए गैरहाजिर मिले शिक्षकों को नोटिस, क्लास में बच्चों से पूछे सवाल

टिहरी गढ़वाल: टिहरी के अपर जिलाधिकारी (एडीएम) शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बुधवार को दोणी स्थित राजकीय हाई स्कूल और राजकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्थाओं को परखा, वहीं बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले शिक्षकों पर कड़ी नाराजगी जताई। एडीएम ने अनुशासनहीनता बरतने वाले संबंधित शिक्षकों को तत्काल 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी करने के निर्देश दिए हैं।

प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
- औचक निरीक्षण: एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने दोणी के राजकीय हाई स्कूल व प्राथमिक विद्यालय का औचक दौरा किया।
- शिक्षकों पर कार्रवाई: बिना बताए अनुपस्थित रहने और देरी से पहुंचने पर शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी।
- शैक्षणिक स्तर की पड़ताल: एडीएम ने कक्षाओं में जाकर छात्र-छात्राओं से विषयवार सवाल पूछे और सीखने के स्तर को परखा।
- प्रधानाचार्य पद रिक्त: हाई स्कूल में प्रधानाचार्य का पद रिक्त मिलने पर विभाग को तत्काल प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
रजिस्टरों की जांच और अनुपस्थित शिक्षकों पर सख्त रुख
राजकीय हाई स्कूल दोणी के निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने विद्यालय की शिक्षक उपस्थिति पंजिका, छात्र-छात्रा उपस्थिति पंजिका, प्रवेश व नामांकन रजिस्टर और अवकाश पंजिका सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की बारीकी से जांच की।
जांच में सामने आया कि हाई स्कूल में कुल 5 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से एक शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के अवकाश पर थे, जबकि एक अन्य शिक्षक का राजकीय कार्य से घनसाली में होना बताया गया, लेकिन इसके बारे में भी विद्यालय स्तर पर कोई पूर्व जानकारी दर्ज नहीं थी। हालांकि, निरीक्षण के कुछ समय बाद दोनों शिक्षक विद्यालय पहुंच गए। इस लापरवाही पर एडीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए दोनों को कारण बताओ नोटिस थमाने के निर्देश दिए।
कक्षाओं में जाकर बच्चों से पूछे सवाल, परखा बौद्धिक स्तर
निरीक्षण के दौरान एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी सीधे कक्षाओं में पहुंचे और विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विभिन्न विषयों से जुड़े सवाल पूछकर बच्चों के सीखने और समझने के स्तर (Learning Level) का मूल्यांकन किया। साथ ही उन्होंने शिक्षकों से कमजोर छात्रों की पहचान कर उनके लिए चलाए जा रहे अतिरिक्त शैक्षणिक प्रयासों का भी ब्योरा लिया।
प्रधानाचार्य का पद रिक्त, तत्काल प्रस्ताव भेजने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि राजकीय हाई स्कूल दोणी में लंबे समय से प्रधानाचार्य का पद रिक्त चल रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए एडीएम ने संबंधित शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि रिक्त पद को शीघ्र भरने के लिए जरूरी पत्रावली तैयार कर उच्च स्तर पर शासन/विभाग को प्रेषित की जाए।
"बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं"
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, "सरकारी विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य नौनिहालों को गुणवत्तापूर्ण और मूल्यपरक शिक्षा देना है। विद्यार्थियों के भविष्य और पढ़ाई के साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" उन्होंने सभी शिक्षकों को समयबद्धता, पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अध्यापन कार्य करने तथा पढ़ाई में कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
