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उत्तराखंड में भारी बारिश से नदियां उफान पर: कैंची धाम में शिप्रा नदी ने दिखाया रौद्र रूप, नैनीताल और चमोली में अलर्ट जारी

2 September 2026

AI News Reader

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उत्तराखंड में भारी बारिश से नदियां उफान पर: कैंची धाम में शिप्रा नदी ने दिखाया रौद्र रूप, नैनीताल और चमोली में अलर्ट जारी
  • गरमपानी-खैरना क्षेत्र में मुनादी कर खाली कराए गए घर, प्रभावित लोग राहत शिविरों में शिफ्ट
  • अलचौना में नाले का पानी घरों में घुसा, प्रशासन ने 23 परिवारों को दिया नोटिस
  • पिंडर और अलकनंदा के बढ़ते जलस्तर से कर्णप्रयाग में दहशत, कई सड़कें बंद

नैनीताल: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं, जिससे निचले और नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नैनीताल और चमोली जिलों में हालात सबसे अधिक संवेदनशील बने हुए हैं।

कैंची धाम में शांत शिप्रा नदी का रौद्र रूप

विश्व प्रसिद्ध श्री कैंची धाम मंदिर के पास अमूमन शांत बहने वाली शिप्रा नदी लगातार बारिश के चलते रौद्र रूप में नजर आ रही है। भवाली से शुरू होकर गरमपानी खैरना में कोसी नदी में मिलने वाली शिप्रा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई है।

गरमपानी खैरना बाजार क्षेत्र के ठीक पीछे नदी का बहाव बढ़ने और पहाड़ियों से लगातार पत्थर गिरने के चलते खतरा दोगुना हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए श्री कैंची धाम तहसील के तहसीलदार ने क्षेत्र में मुनादी कराकर खतरे की जद में आने वाले परिवारों को तत्काल राहत शिविरों में शिफ्ट होने के निर्देश दिए हैं। रातीघाट क्षेत्र में भी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालांकि, मंदिर की मजबूत सुरक्षा दीवार और पिलरों के कारण कैंची धाम परिसर सुरक्षित है और पूजा-अर्चना सामान्य रूप से जारी है।

हल्द्वानी में 192 मिमी बारिश, अलचौना में घरों में घुसा पानी

हल्द्वानी में बीते 24 घंटों के दौरान 192 मिमी भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे गौला नदी का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं ऋषिकेश में बीन नदी भी पूरे उफान पर है।

नैनीताल जिले के अलचौना स्थित पाण्डेछोड़ गांव में ककड़िया नाले का पानी विकराल रूप लेते हुए करीब दो दर्जन घरों में घुस गया। पानी के तेज बहाव को देखते हुए ग्रामीणों ने आनन-फानन में अपना सामान निकाला। प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 23 परिवारों को घर खाली करने का नोटिस जारी किया है।

चमोली में पिंडर और अलकनंदा नदियां खतरे के निशान के करीब

चमोली जिले में भी बारिश के कारण कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। कर्णप्रयाग में अलकनंदा और पिंडर नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पिंडर नदी की तेज लहरें किनारे बने आवासीय भवनों, होटलों और दुकानों के बेहद करीब पहुंच गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।

प्रशासन की अपील: नदी-नालों से दूर रहें

प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भारी बारिश के दौरान कोई भी व्यक्ति नदी, गदेरों और बरसाती नालों के पास न जाए। साथ ही, नदी किनारे अनाधिकृत और असुरक्षित निर्माणों को लेकर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है। आपदा प्रबंधन तंत्र को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।