उत्तराखंड: रामनगर में जन्माष्टमी झांकी पर सियासी घमासान, भाजपा कार्यकर्ता पर FIR के बाद कोतवाली का घेराव

रामनगर (नैनीताल)
उत्तराखंड के रामनगर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर लगाई गई एक विवादास्पद झांकी को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। झांकी लगाने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता राजू रावत के खिलाफ पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। देर रात बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता रामनगर कोतवाली पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों में भाजपा के नगर और ग्रामीण मंडल अध्यक्षों के अलावा पूर्व दर्जा राज्यमंत्री और किसान आयोग के सदस्य भी शामिल रहे।
खबर के प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
- झांकी पर विवाद: जन्माष्टमी के अवसर पर भाजपा कार्यकर्ता राजू रावत ने 'लव जिहाद' विषय पर झांकी लगाई थी।
- FIR से भड़के भाजपाई: कार्यकर्ता पर मुकदमा दर्ज होने की सूचना मिलते ही देर रात दर्जनों भाजपा नेता कोतवाली पहुंचे और विरोध जताया।
- नेताओं का दावा: प्रशासन के निर्देश पर कार्यकर्ता ने महज 15 मिनट के भीतर झांकी और स्टॉल हटा दिया था, फिर भी मुकदमा दर्ज किया गया।
- पुलिस जांच: मामले में किन धाराओं और किस आधार पर कार्रवाई की गई है, इसको लेकर पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष आना बाकी है।
कोतवाली पहुंचे भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती ने कहा कि पार्टी अपने कार्यकर्ता के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा, "जन्माष्टमी के अवसर पर राजू रावत ने झांकी लगाई थी। प्रशासन की ओर से सूचना मिलने पर कार्यकर्ता ने नियमों का सम्मान करते हुए लगभग 15 मिनट के अंदर झांकी को पूरी तरह हटा दिया था। जब झांकी हटा ली गई थी, तो मामला वहीं समाप्त हो जाना चाहिए था, लेकिन इसके बावजूद कार्यकर्ता पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया।"
वहीं, भाजपा नगर महामंत्री नवीन करगेती ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रशासन के फोन करते ही स्टॉल हटा लिया गया, तो रातों-रात मुकदमा दर्ज करने की क्या आवश्यकता थी? इस पूरी कार्रवाई की जांच होनी चाहिए।
कोतवाली में देर रात तक चला शक्ति प्रदर्शन
मुकदमे की सूचना फैलते ही भाजपा के नगर और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े कई प्रमुख नेता कोतवाली पहुंच गए। कोतवाली में प्रदर्शन करने वालों में:
- नगर मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र खाती
- ग्रामीण मंडल अध्यक्ष घनश्याम शर्मा
- किसान आयोग सदस्य संजय डोर्वी
- पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष भावना भट्ट
- पूर्व दर्जा राज्यमंत्री दिनेश मेहरा
समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और मुकदमे को लेकर आपत्ति दर्ज कराई।
पुलिस का पक्ष
मामले में पुलिस अधिकारियों की ओर से प्राथमिकी (FIR) में दर्ज धाराओं, शिकायतकर्ता के विवरण और कार्रवाई के कानूनी आधार को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं की गई है। पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान आने के बाद ही साफ होगा कि किन विधिक प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की गई है। कोतवाली पुलिस फिलहाल क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर नजर रखे हुए है।
