बदरीनाथ के तप्त कुंड में बड़ा हादसा: 108 डुबकी लगाने के दौरान राजस्थान की दो बुजुर्ग महिलाओं की मौत

चमोली (उत्तराखंड) | बदरीनाथ धाम में शुक्रवार सुबह तप्त कुंड में स्नान करते समय राजस्थान से आईं दो बुजुर्ग महिला तीर्थयात्रियों की दुखद मौत हो गई। महिलाएं 108 डुबकी लगाने की धार्मिक परंपरा निभा रही थीं, तभी अचानक गर्म पानी के कुंड में बेहोश होकर गिर पड़ीं। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान राजस्थान निवासी 63 वर्षीय प्रेमा देवी (पत्नी मदन) और 71 वर्षीय रामू देवी (पत्नी अमर) के रूप में हुई है।
मामले की 3 बड़ी बातें:
- 108 डुबकी का संकल्प: धार्मिक मान्यता के तहत महिलाएं तप्त कुंड में लगातार डुबकियां लगा रही थीं।
- सुबह 5 बजे का हादसा: दल में शामिल पुरुष मंदिर की ओर चला गया था, तभी कुंड में यह हादसा हुआ।
- पोस्टमॉर्टम नहीं चाहते परिजन: परिवार ने कागजी औपचारिकताएं पूरी कर शव हरिद्वार ले जाने की अनुमति मांगी है।
बदरीनाथ थाना पुलिस के मुताबिक, राजस्थान से श्रद्धालुओं का एक दल 4 सितंबर को बदरीनाथ धाम पहुंचा था। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे दल के चार महिलाएं और एक पुरुष तप्त कुंड में स्नान करने पहुंचे थे।
पुरुष स्नान करने के बाद बदरीनाथ मंदिर की ओर दर्शन के लिए चला गया, जबकि चारों महिलाएं तप्त कुंड में 108 डुबकी लगाने के संकल्प के साथ लगातार स्नान करने लगीं। अत्यधिक गर्म पानी और लगातार डुबकी लगाने की वजह से प्रेमा देवी और रामू देवी अचानक अचेत होकर कुंड में ही गिर गईं।
घटना के बाद मची अफरा-तफरी
हादसा होते ही कुंड के आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और मंदिर प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दोनों बुजुर्ग महिलाओं को बेहोशी की हालत में कुंड से बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
हरिद्वार में अंतिम संस्कार करना चाहते हैं परिजन
"तप्त कुंड में स्नान के दौरान यह दुखद हादसा हुआ है। मृतक महिलाओं के परिजनों ने पंचनामा और पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई न कराने का लिखित अनुरोध किया है। वे दोनों शवों का अंतिम संस्कार हरिद्वार में करना चाहते हैं। प्रशासनिक स्तर पर जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।"
— महादेव उनियाल, थानाध्यक्ष, बदरीनाथ
प्रशासन की अपील: बुजुर्ग और बीमार यात्री न लें जोखिम
बदरीनाथ धाम स्थित तप्त कुंड का पानी प्राकृतिक रूप से काफी गर्म रहता है। धाम प्रशासन और पुलिस ने श्रद्धालुओं, विशेष रूप से बुजुर्गों, सांस या हृदय रोगियों से अपील की है कि वे कुंड के अत्यधिक गर्म पानी में ज्यादा देर तक स्नान करने या लगातार डुबकी लगाने का जोखिम न उठाएं और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।
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