🔴 Latest
🔴 नेपाल-चीन सीमा पर भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 270 शव बरामद; 288 भारतीयों समेत 1,500 लोग लापता🔴 पहाड़ में दौड़ेगी रेल: 2028 तक ब्यासी पहुंचेगी ट्रेन, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट का काम अंतिम दौर में🔴 पहाड़ में दौड़ेगी रेल: 2028 तक ब्यासी पहुंचेगी ट्रेन, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट का काम अंतिम दौर में🔴 नेपाल-चीन सीमा पर भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 270 शव बरामद; 288 भारतीयों समेत 1,500 लोग लापता🔴 लंपी वायरस की आहट से सरकार अलर्ट: पशुओं के अंतर्राज्यीय परिवहन और प्रदर्शनियों पर एक महीने की रोक, टीकाकरण तेज🔴 नेपाल-चीन सीमा पर भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 270 शव बरामद; 288 भारतीयों समेत 1,500 लोग लापता🔴 पहाड़ में दौड़ेगी रेल: 2028 तक ब्यासी पहुंचेगी ट्रेन, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट का काम अंतिम दौर में🔴 पहाड़ में दौड़ेगी रेल: 2028 तक ब्यासी पहुंचेगी ट्रेन, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग प्रोजेक्ट का काम अंतिम दौर में🔴 नेपाल-चीन सीमा पर भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 270 शव बरामद; 288 भारतीयों समेत 1,500 लोग लापता🔴 लंपी वायरस की आहट से सरकार अलर्ट: पशुओं के अंतर्राज्यीय परिवहन और प्रदर्शनियों पर एक महीने की रोक, टीकाकरण तेज
Home /uk

उत्तराखंड परिवहन निगम: 5800 कर्मियों का 2 महीने का वेतन फंसा, शासन से बजट जारी होने का इंतजार

22 August 2026

AI News Reader

खबर सुनें (Listen Now)

उत्तराखंड परिवहन निगम: 5800 कर्मियों का 2 महीने का वेतन फंसा, शासन से बजट जारी होने का इंतजार

5800 कर्मचारियों की बढ़ी आर्थिक परेशानी; शासन में अटकी 4.5 करोड़ की प्रतिपूर्ति, यूनियन ने की तत्काल पूरे भुगतान की मांग

देहरादून: उत्तराखंड परिवहन निगम के 5800 कर्मचारियों के लिए राहत और चिंता दोनों भरी खबर है। पिछले दो महीने (जून और जुलाई) से वेतन के इंतजार में बैठे कर्मियों के लिए प्रबंधन ने चरणबद्ध तरीके से भुगतान शुरू कर दिया है। हालांकि, निगम के कुल 21 करोड़ रुपये के वेतन बकाए में से अब तक महज 5 करोड़ रुपये ही जारी हो सके हैं।

प्रबंधन का दावा है कि सोमवार तक करीब 85 प्रतिशत विशेष-संविदा और आउटसोर्स (एजेंसी) कर्मियों का वेतन जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद ही नियमित कर्मचारियों के वेतन का नंबर आएगा।

मामले से जुड़ी 3 बड़ी बातें

  1. 5800 कर्मचारियों पर असर: निगम में 4000 एजेंसी व विशेष-संविदा और 1800 नियमित कर्मचारी दो से तीन महीने से वेतन की बाट जोह रहे हैं।
  2. चरणबद्ध भुगतान: 21 करोड़ रुपये के कुल बकाए में से 3 दिन में सिर्फ 5 करोड़ रुपये जारी हुए; पहले संविदा कर्मियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
  3. शासन में अटकी प्रतिपूर्ति: वरिष्ठ नागरिकों और छात्राओं को कराई जाने वाली मुफ्त यात्रा के एवज में शासन से मिलने वाली 4.5 करोड़ रुपये की राशि अब तक नहीं मिली है।

कर्मचारियों की श्रेणी और स्थिति का गणित

कर्मचारी श्रेणी

संख्या

वेतन की स्थिति

विशेष-संविदा व एजेंसी

4,000

2 से 3 महीने का वेतन लंबित (सोमवार तक भुगतान का दावा)

नियमित कर्मचारी

1,800

2 महीने से वेतन नहीं मिला (दूसरे चरण में होगा भुगतान)

कुल कर्मचारी

5,800

कुल ₹21 करोड़ का बकाया

सोमवार तक 85% कर्मियों को मिलेगा पैसा: महाप्रबंधक

परिवहन निगम के महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने बताया कि सीमित संसाधनों के बीच वेतन वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

"
“पहले चरण में विशेष-संविदा और एजेंसी श्रेणी के कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है। सोमवार तक 85 प्रतिशत कर्मचारियों को वेतन जारी कर दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद नियमित कर्मचारियों का वेतन जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी।”— क्रांति सिंह, महाप्रबंधक (संचालन), परिवहन निगम
"

यूनियन बोली- 3 महीने से नहीं मिला मानदेय, भुखमरी की नौबत

उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल पपनै ने प्रबंधन की सुस्त कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा:

"
“एजेंसी कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से और अन्य श्रेणी के कर्मियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। अगस्त माह भी खत्म होने को है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों के सामने परिवार चलाने और बच्चों की स्कूल फीस भरने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रबंधन सभी श्रेणियों का वेतन तुरंत एक साथ जारी करे।”
"

4.5 करोड़ की सरकारी प्रतिपूर्ति न मिलने से गहराया संकट

परिवहन निगम की वित्तीय स्थिति बिगड़ने के पीछे शासन स्तर पर रुकी प्रतिपूर्ति भी एक बड़ा कारण है। निगम की बसों में वरिष्ठ नागरिकों, मान्यता प्राप्त पत्रकारों और छात्राओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाती है। इस मद में शासन से निगम को प्रतिपूर्ति (Reimbursement) मिलती है।

  • मई और जून महीने की करीब 4.5 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति से जुड़े सभी अभिलेख शासन को भेजे जा चुके हैं।
  • शासन से अभी तक यह राशि जारी नहीं हुई है, जिसके चलते निगम के पास लिक्विड कैश की भारी कमी बनी हुई है।