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उत्तराखंड के एकलव्य आवासीय विद्यालय में बड़ा एक्शन: खराब खाने और बदहाली पर बच्चों का जोरदार प्रदर्शन, जानिए पूरा मामला

11 August 2026

AI News Reader

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उत्तराखंड के एकलव्य आवासीय विद्यालय में बड़ा एक्शन: खराब खाने और बदहाली पर बच्चों का जोरदार प्रदर्शन, जानिए पूरा मामला

TV10 INDIA खास:

  • 3 दिन का धरना असर लाया: खटीमा के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में बदहाल व्यवस्थाओं के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने 3 दिन तक धरना दिया।
  • जांच में मिला एक्सपायरी राशन: विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों की जांच में बच्चों को एक्सपायरी राशन देने, गंदा पानी पिलाने और शौचालयों में गंदगी की पुष्टि हुई।
  • प्रिंसिपल पर एक्शन: शिकायतों के बाद निदेशालय ने प्राचार्या भारती यादव को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर जिला जनजाति कल्याण अधिकारी दफ्तर से संबद्ध किया।
  • नया प्रभार नियुक्त: पीजीटी गणित शिक्षक रोशन झिंक्वाण को प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया, पूरे मामले की अलग से जांच के आदेश।

खटीमा: उधमसिंह नगर जिले के खटीमा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में भोजन की घटिया गुणवत्ता, एक्सपायरी राशन और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर चल रहा छात्र-छात्राओं का आंदोलन रंग लाया है। 3 दिन तक चले लगातार विरोध-प्रदर्शन के बाद जनजातीय कल्याण निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्यालय की प्राचार्या भारती यादव को पद से हटा दिया है।

प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से जिला जनजाति कल्याण अधिकारी कार्यालय से संबद्ध (Attach) कर दिया गया है। वहीं, व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए विद्यालय के गणित प्रवक्ता (PGT) रोशन झिंक्वाण को कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

‘रात के 3 बजे तक जागना पड़ता है, क्लास में डांट मिलती है’

3 दिनों तक विद्यालय परिसर में धरना देने वाले छात्र-छात्राओं ने व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। छात्राओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें लंबे समय से घटिया खाना और एक्सपायरी डेट का राशन परोसा जा रहा था।

छात्राओं ने कहा—

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“हमें जो खाना दिया जाता है, उसकी क्वालिटी बेहद खराब है। हमें सामान एक्सपायरी डेट का दिया जा रहा था। बिजली न होने पर जनरेटर नहीं चलाया जाता, जिससे गर्मी में रात के 2-3 बजे तक जागना पड़ता है। नींद पूरी न होने से क्लास में नींद आती है, तो शिक्षकों की डांट सहनी पड़ती है। पानी खराब है, शौचालय गंदे हैं और बैठने के लिए बेंच तक की सही व्यवस्था नहीं है।”
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अफसरों और जनप्रतिनिधियों के निरीक्षण में खुली पोल

मामले की गंभीरता को देखते हुए खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी, नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा, राज्य दर्जा मंत्री मोहनी पोखरिया, जिला जनजाति कल्याण अधिकारी वीरेंद्र कुमार और तहसीलदार वीरेंद्र सजवाण पुलिस टीम के साथ विद्यालय पहुंचे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और नेताओं ने रसोई और स्टोर रूम की जांच की, जहां एक्सपायरी डेट का राशन और बदबूदार पानी पाया गया।

खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने कहा—

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“बच्चों की शिकायत पर जब हमने जांच की तो स्टोर में एक्सपायरी डेट का राशन मिला। पीने का पानी और शौचालय बेहद गंदे थे। बच्चों को मेन्यू के हिसाब से खाना नहीं दिया जा रहा था। हमने अधिकारियों से साफ कह दिया है कि खाने की जांच के लिए एक कमेटी बने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।”
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‘शिकायत करने पर धमकाती थीं प्रिंसिपल, पढ़ाई ठप कर धरने पर बैठे बच्चे’

मामले पर तहसीलदार वीरेंद्र सजवाण ने बताया कि बच्चों ने कई बार प्राचार्य से घटिया खाने और अव्यवस्थाओं की शिकायत की थी, लेकिन सुधार करने के बजाय बच्चों को डराया-धमकाया जाता था। मजबूर होकर बच्चों को पढ़ाई ठप कर आंदोलन की राह चुननी पड़ी।

तहसीलदार सजवाण ने कहा—

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“बच्चों की मांग पूरी तरह जायज पाई गई। जिला जनजाति कल्याण अधिकारी ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए प्राचार्य भारती यादव को हटा दिया है। अब एक विशेष निगरानी समिति (Monitoring Committee) गठित की जा रही है, जो समय-समय पर भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की जांच करेगी। बच्चे और अभिभावक इस कार्रवाई से संतुष्ट हैं और पढ़ाई पर लौट आए हैं।”
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