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हरिद्वार में कांवड़ मेले का असर: 30 जुलाई से 11 अगस्त तक सभी स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद, ऑनलाइन चलेंगी क्लासेज

25 July 2026

AI News Reader

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हरिद्वार में कांवड़ मेले का असर: 30 जुलाई से 11 अगस्त तक सभी स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद, ऑनलाइन चलेंगी क्लासेज

हरिद्वार: आगामी कांवड़ मेले के दौरान शिव भक्तों (कांवड़ियों) की भारी भीड़ और सुगम यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के सभी सरकारी, गैर-सरकारी विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक एवं तकनीकी संस्थानों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया है।

इस दौरान बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए सभी संस्थानों को ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पठन-पाठन जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में आज आदेश भी जारी कर दिया गया है।

यातायात और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरिप्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कांवड़ मेले के दौरान रोजाना लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। इससे नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और शहर के मुख्य मार्गों पर अत्यधिक भीड़ रहती है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए कई रूटों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया जाता है और रास्तों को अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और उनकी सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।

इन्हीं तमाम हालातों को देखते हुए नियमित शैक्षणिक गतिविधियों को ऑफलाइन मोड में स्थगित किया गया है।

ऑनलाइन होगी पढ़ाई, लापरवाही पर होगी सख्तीजिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छुट्टियों के दौरान बच्चों की शिक्षा में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। सभी शिक्षण संस्थान अपने स्तर पर ऑनलाइन क्लासेज, डिजिटल स्टडी मटेरियल और अन्य माध्यमों से पढ़ाई जारी रखेंगे। साथ ही, इसकी जानकारी समय रहते छात्रों और अभिभावकों को देने को कहा गया है।

प्रशासन ने शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग समेत सभी संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रबंधनों को इन आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

5 करोड़ तक पहुंच सकता है कांवड़ियें आने का अनुमानहरिद्वार में इस वर्ष कांवड़ मेला 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगा। पिछले साल मेले के दौरान 4 करोड़ से अधिक कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे थे। वहीं, इस बार यह आंकड़ा 5 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इससे एक तरफ जहां ट्रैफिक और सुरक्षा प्रबंधन बेहतर होगा, वहीं दूसरी ओर बच्चों की पढ़ाई भी बाधित नहीं होगी।