हल्द्वानी: शुद्धिकरण विवाद और दलित मुद्दों पर कांग्रेस का सत्याग्रह, कार्यकर्ताओं ने चरखा चलाकर जताया विरोध

3 बड़ी बातें:
- बुद्ध पार्क में धरना: राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे और दलित उत्पीड़न के विरोध में कांग्रेस ने शुरू किया सत्याग्रह।
- चरखा चलाकर संदेश: कार्यकर्ताओं ने चरखा चलाकर शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से दर्ज कराया विरोध; डॉ. सुनील पंवार भी रहे मौजूद।
- दो टूक चेतावनी: रामलीला मैदान के कथित शुद्धिकरण के दोषियों पर केस दर्ज न होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान।
हल्द्वानी
हल्द्वानी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया है. गुरुवार को बुद्ध पार्क में आयोजित इस सत्याग्रह में कार्यकर्ताओं ने चरखा चलाकर महात्मा गांधी के अहिंसा और सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का संदेश दिया. कांग्रेस का यह विरोध राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे और दलितों के कथित उत्पीड़न के खिलाफ आयोजित किया गया था.
इस दौरान राजीव गांधी पंचायती राज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पंवार भी विशेष रूप से मौजूद रहे.
सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाई. धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता और विपक्ष को सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है. राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को उठाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज करना लोकतंत्र की भावना के पूरी तरह विपरीत है.
रामलीला मैदान शुद्धिकरण मामले पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण मामले को लेकर भी सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया.
नेताओं का आरोप है कि इस संवेदनशील मामले में पुलिस का रवैया निष्पक्ष नहीं रहा है.
उन्होंने कथित शुद्धिकरण करने वाले लोगों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की.
सत्याग्रह के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.
'मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी लड़ाई'
कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि यह लड़ाई लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से आगे भी जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि जब तक राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया जाता और रामलीला मैदान के शुद्धिकरण मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए दोषियों पर केस दर्ज नहीं होता, तब तक पार्टी का यह सत्याग्रह और आंदोलन लगातार जारी रहेगा.
