बदरीनाथ पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी: ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव’ में की शिरकत, बामणी में किया ‘चाचणी नृत्य’; मास्टर प्लान कार्यों का लिया जायजा

बदरीनाथ / चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को सीमांत जनपद चमोली स्थित भू-वैकुंठ बदरीनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने दो दिवसीय ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ में प्रतिभाग किया। धाम स्थित हेलीपैड पहुंचने पर जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान सेरेमोनियल ड्रेस में सजे पुलिस के जवानों ने मुख्यमंत्री को 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर औपचारिक सलामी दी।
भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर बामणी में किया ‘चाचणी नृत्य’
बदरीनाथ धाम पहुंचकर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले भगवान बदरी विशाल के मंदिर में विधिवत दर्शन एवं विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने बदरीविशाल से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री बामणी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने मां नंदा देवी मंदिर में शीश नवाया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान लोक संस्कृति के रंगों में रंगे मुख्यमंत्री ने स्थानीय मातृशक्ति के साथ पारंपरिक ‘चाचणी नृत्य’ में कदम से कदम मिलाकर ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाया।
बदरीनाथ मास्टर प्लान और आस्था पथ का स्थलीय निरीक्षण
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत संचालित विभिन्न पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ‘आस्था पथ’ सहित अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों से कार्य की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के साथ-साथ धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक और पारंपरिक गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
150 से अधिक संतों के बीच कथा महोत्सव में हुए शामिल
मुख्यमंत्री ने स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव’ में भी शिरकत की। इस भव्य आयोजन में देशभर से आए 150 से अधिक पूज्य संत-साध्वियों और 1200 से अधिक हरिभक्तों की उपस्थिति रही।
संतों का आशीर्वाद लेते हुए सीएम ने कहा कि बदरीनाथ धाम की पावन धरा पर आना एक अनूठी आध्यात्मिक अनुभूति देता है। भगवान बदरीविशाल की कृपा से संतों और श्रद्धालुओं के पावन सानिध्य में कथा महोत्सव का साक्षी बनना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।
'वाइब्रेंट विलेज' के तहत सीमांत पर्यटन को नई पहचान
टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में आयोजित ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव’ केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ के तहत ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थीम पर आयोजित किया गया है।
इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य देश के प्रथम गांव माणा और आसपास के सीमांत क्षेत्रों को सीमांत पर्यटन, सांस्कृतिक गौरव और सामुदायिक विकास के सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करना है। साथ ही, देवभूमि की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, स्थानीय पहाड़ी उत्पादों और सीमांत जीवनशैली को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर विशेष पहचान दिलाना है।
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