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बदरीनाथ हाईवे पर मैठाणा के पास फिर धंसी सड़क, फंसा ट्रक; करोड़ों के ट्रीटमेंट पर उठे गंभीर सवाल

16 August 2026

AI News Reader

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बदरीनाथ हाईवे पर मैठाणा के पास फिर धंसी सड़क, फंसा ट्रक; करोड़ों के ट्रीटमेंट पर उठे गंभीर सवाल

चमोली: चारधाम यात्रा के प्रमुख मार्ग बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मैठाणा के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक फिर से धंस गया। सड़क धंसने के कारण वहां से गुजर रहा एक भारी ट्रक बीच रास्ते में फंस गया, जिससे हाईवे पर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही ठप हो गई और लंबा जाम लग गया। इस संवेदनशील हिस्से में बार-बार हो रहे भू-धंसाव (Land Subsidence) ने चारधाम यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय जनता की मुश्किलें और चिंताएं बढ़ा दी हैं।

करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी हालात जस के तस

मैठाणा में जिस जगह यह सड़क धंसी है, वहां पूर्व में ढलान सुरक्षा और मरम्मत (Treatment & Repair) के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद हर साल बरसात के मौसम में सड़क का धंसना संबंधित कार्यदायी संस्थाओं और किए गए कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग केवल सतही लीपापोती और तात्कालिक मरम्मत कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है, जबकि भूगर्भीय आधार पर इसका कोई स्थायी तकनीकी समाधान नहीं निकाला जा रहा।

चारधाम यात्रा और यात्रियों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा

स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्तमान में एक तरफ मानसून की बारिश जारी है, तो दूसरी तरफ बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा भी चल रही है। ऐसे संवेदनशील समय में राष्ट्रीय राजमार्ग का धंसना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा है।

सड़क धंसने से न केवल आवश्यक सेवाओं और स्थानीय आवागमन पर असर पड़ रहा है, बल्कि यह देश-विदेश से आ रहे हजारों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने उठाई उच्चस्तरीय जांच और स्थायी उपचार की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संबंधित प्रशासनिक एवं तकनीकी विभागों से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. गुणवत्ता की जांच: पूर्व में करोड़ों की लागत से किए गए सड़क उपचार कार्यों की तकनीकी व वित्तीय जांच कराई जाए।
  2. भूगर्भीय निरीक्षण: मौके का विशेषज्ञ टीम से स्थलीय निरीक्षण कराकर सड़क धंसने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए।
  3. स्थायी समाधान: बरसात के दौरान लगातार निगरानी के लिए विशेष दल तैनात किया जाए और सड़क का मजबूत व स्थायी ट्रीटमेंट किया जाए ताकि भविष्य में किसी अनहोनी को टाला जा सके।