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‘नौकरियां बिकीं तो फिर सड़क पर उतरूंगा’: बाबा  रामदेव की चेतावनी से गरमाई सियासत; कांग्रेस और BJP में छिड़ी जुबानी जंग

19 August 2026

AI News Reader

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‘नौकरियां बिकीं तो फिर सड़क पर उतरूंगा’: बाबा  रामदेव की चेतावनी से गरमाई सियासत; कांग्रेस और BJP में छिड़ी जुबानी जंग

खास बातें (Key Points):

  • रामदेव की चेतावनी: 15 अगस्त को नौकरियों में खरीद-फरोख्त और घोटालों पर भड़के योगगुरु; बोले– हालात नहीं सुधरे तो दोबारा आंदोलन करना पड़ेगा।
  • कांग्रेस का वार: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा– रामदेव क्यों बोल रहे वही जानें, लेकिन बालकृष्ण राज्य में जमीनों को लेकर धोखा कर रहे।
  • भाजपा का पलटवार: कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल बोले– पेपर लीक और धांधली गलत, पर कांग्रेस शासित झारखंड में क्यों साधी चुप्पी?

देहरादून: हरिद्वार में स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर योगगुरु स्वामी रामदेव द्वारा सरकारी नौकरियों में धांधली, घोटालों और भ्रष्टाचार को लेकर दिए गए तीखे बयान ने उत्तराखंड की सियासत में नया उबाल ला दिया है। रामदेव ने सीधे तौर पर चेतावनी दी थी कि अगर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो उन्हें एक बार फिर बड़ा आंदोलन छेड़ना पड़ सकता है।

रामदेव के इस रुख पर कांग्रेस और भाजपा दोनों आमने-सामने आ गई हैं। कांग्रेस ने रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण पर जमीन से जुड़े गंभीर आरोप लगाए, तो वहीं भाजपा ने कांग्रेस को घेरते हुए झारखंड पेपर लीक का मुद्दा उछाल दिया है।

1. रामदेव का बयान: ‘नौकरियां बेची जाना बर्दाश्त नहीं, फिर करेंगे आंदोलन’

15 अगस्त को ध्वजारोहण के बाद स्वामी रामदेव ने केंद्र और राज्यों में रोजगार की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा था कि देश या किसी भी राज्य में नौकरियों की कथित खरीद-फरोख्त और घपले-घोटाले किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं।

उन्होंने सरकारों को चेताते हुए कहा था कि अगर युवाओं के साथ इसी तरह अन्याय होता रहा, तो उन्हें एक बार फिर व्यवस्था परिवर्तन के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इसके अलावा एक हालिया इंटरव्यू में रामदेव ने भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के बयानों पर भी तंज कसा था।

2. कांग्रेस का हमला: ‘बालकृष्ण राज्य के साथ कर रहे धोखा’

रामदेव के बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सवाल खड़े किए। गोदियाल ने कहा, “बाबा रामदेव अचानक इस तरह मुखर क्यों हो रहे हैं और इसके पीछे उनकी क्या मंशा है, यह तो वही बेहतर बता सकते हैं।”

इसके साथ ही गोदियाल ने पतंजलि के प्रमुख आचार्य बालकृष्ण को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण पौड़ी और कोटद्वार में जमीनों से जुड़े मामलों को लेकर उत्तराखंड के साथ धोखा कर रहे हैं। कांग्रेस ने सीधे रामदेव का समर्थन करने के बजाय उनके संस्थान और सहयोगियों पर सवाल दाग दिए।

3. भाजपा का पलटवार: ‘पेपर लीक गलत, पर झारखंड पर कांग्रेस मौन क्यों?’

कांग्रेस के हमलों के बीच उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मोर्चा संभाला। उनियाल ने माना कि पेपर लीक और घोटालों से युवाओं का भविष्य बर्बाद होता है और इन पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए।

हालांकि, उन्होंने रामदेव के बयान को कांग्रेस पर पलटवार का जरिया बनाते हुए कहा, “युवाओं के हक और केंद्र के खिलाफ जंतर-मंतर पर आवाज उठाने वाले लोग झारखंड में क्यों खामोश हैं, जहां कांग्रेस की खुद की सरकार है? अगर युवाओं की इतनी ही चिंता है, तो कांग्रेस शासित राज्यों में हो रहे घोटालों पर भी आवाज उठाई जानी चाहिए।”

TV10 INDIA विश्लेषण: क्या नए आंदोलन की जमीन तैयार कर रहे हैं रामदेव?

  • अतीत का असर: यूपीए सरकार के दौर में दिल्ली के रामलीला मैदान और जंतर-मंतर पर स्वामी रामदेव के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने देश की राजनीति की दिशा बदल दी थी।
  • निशाने पर कौन: इस बार हरिद्वार से उठी आवाज का राजनीतिक संदेश क्या है, इसे लेकर दोनों दल सतर्क हैं।
  • दोनों दलों की रणनीति: भाजपा इस बयान के जरिए कांग्रेस शासित राज्यों में घोटालों को उजागर करने में जुटी है, जबकि कांग्रेस रामदेव और पतंजलि से जुड़े स्थानीय भूमि विवादों को उठाकर जवाबी दबाव बना रही है।