उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी से आफत: 6 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट, ऊंची चोटियों पर हिमपात

- चीन सीमा से जुड़ी 35 हजार की आबादी कटी, कैलास मानसरोवर रूट 5 जगह बंद
- हेमकुंड, नंदा देवी और पंचाचूली की पहाड़ियों पर बर्फबारी से गिरा पारा; नैनीताल झील के गेट एक हफ्ते से खुले
देहरादून: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश और ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी और चमोली समेत 6 जिलों में गर्जन और आकाशीय बिजली के साथ भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से सीमांत जिले पिथौरागढ़ में हालात सबसे गंभीर बने हुए हैं, जहां 23 सड़कें बंद होने के चलते प्रशासन ने आज सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है।
पिथौरागढ़: चीन सीमा से संपर्क तीसरे दिन भी टूटा, 35 हजार लोग अलग-थलग
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में रविवार से लगातार तेज बारिश का दौर जारी है। कूलागाड़ के पास हाईवे बंद होने की वजह से चीन सीमा से सटी व्यास, दारमा और चौदास घाटियों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। इससे करीब 35 हजार की आबादी अलग-थलग पड़ गई है।
- मानसरोवर रूट 5 जगह बाधित: कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग प्यलसीती के पास बह गया है, जबकि 5 अन्य स्थानों पर मलबा आने से यातायात ठप है।
- दर्जनभर गांवों का संपर्क कटा: मुनस्यारी-मिलम मार्ग बंद होने से मल्ला जोहार घाटी के 13 गांवों सहित डेढ़ दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया है। नारायण आश्रम मार्ग भी दूसरे दिन बंद रहा।
ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से बढ़ी ठंड, तापमान गिरा
बारिश के साथ ही राज्य की ऊंची चोटियों पर मौसम का पहला हल्का हिमपात देखने को मिला है।
पिथौरागढ़ की पंचाचूली, हरदेवल, नंदा देवी और नंदा कोट की ऊंची चोटियों पर बर्फ गिरी है।
चमोली स्थित हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और आसपास की पहाड़ियों पर भी ताजा बर्फबारी दर्ज की गई।
बर्फबारी के चलते निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चलने लगी हैं और पारे में गिरावट आई है।
नैनीताल: 23 ग्रामीण सड़कें बंद, हफ्तेभर से खुले हैं झील के निकासी द्वार
नैनीताल जिले में बीते 24 घंटे से रुक-रुक कर बारिश जारी है। जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए नैनीताल झील के निकासी द्वार पिछले एक सप्ताह से खुले रखे गए हैं। जिले की करीब 23 ग्रामीण सड़कों पर भूस्खलन के कारण आवाजाही पूरी तरह ठप है।
वहीं, देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। यहां दिनभर बादलों के बीच दोपहर में हल्की धूप खिली, जिससे कुछ देर के लिए उमस महसूस की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी:
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सोमवार को प्रदेश के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 6 जिलों में भारी बारिश के साथ-साथ तेज आकाशीय बिजली चमकने और अत्यधिक तीव्र बारिश के दौर की आशंका जताई गई है। पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यात्रियों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
